Bandish In Raga Kedar

1. जाने दे मोहे तोरी पिहरवा, ताल : तीनताल, लय : द्रुत

Jaane de mohe tori piharawa, Taal: Teentaal, Laya: Drut

स्थायी

जाने दे मोहे तोरी पिहरवा
का मानू छैल गैल पैंया परु तोरी
सारे नगर के लोग करेंगे हसाये |

अंतरा

बिजुरी चमके घन घोर घटा
क्युनी सुनो मै तो का करूँ
कहे सासन ननंद कहा रैन गवाये ||

This composition has been contributed by Ravikunj Panchal.

Other Comments: 

None at the moment. If you have anything to share about this composition, please get in touch with us.

2. चतर सुघर बलमा, ताल: एकताल, लय: द्रुत

स्थायी

चतर सुघर बलमा पकरत हो बैया

वे तो नवेली नार का जाने हित की सार गंवार |

अंतरा

तुम तो महाज्ञान अत प्रवीण सब बिध जानत हो पेहचानत हो

वे तो अपने घर की लाड लडोनी लाडली को ली जो मनाए

कर प्यारे सरस गरवा लगाये ||

This composition has been contributed by Devashree Navghare Bhargave. 

Other Comments: 

Here is a link to the recording of Gaansaraswati Kishori Amonkar singing the same composition.

3. कान्हा रे नंदनंदन , ताल: एकताल, लय: द्रुत

स्थायी

कान्हा रे नंदनंदन
परम निरंजन हे दुःख भंजन |

अंतरा

कंठ मणी मोतीयन की माला

पेहरत मुदित भई ब्रिजबाला , रे नंदनंदन ||

This composition has been contributed by Devashree Navghare Bhargave.

Other Comments: 

Here is a link to the recording of Vidushi Malini Rajurkar singing the same composition.

Here is a link to the recording of Pt. A T Kanan singing the same composition.