Bandish in Raga Kalavati

1. जय जय देवी माँ सरस्वती, ताल: झपताल, लय : मध्य 

Jai jai devi maa saraswati, Taal: Jhaptaal, Laya: Madhya

स्थायी

जय जय देवी माँ सरस्वती, जय जय वागेश्वरी, वीणा धारिणी |

अंतरा

धवल वस्त्र धारिणी, विद्या दायिनी, मयूर वाहिनी, शुभदायिनी तू ||

This composition has been contributed by Dr. Revati Kamat.

Other Comments: 

This bandish is composed by Dr. Revati Kamat. 

2. तोम् तनन देरे, ताल: तीनताल, लय: द्रुत 

Tom tanana dere, Taal: Teentaal, Laya: Drut

स्थायी

तोम् तनन देरे दानी तारे,
दानि दानि दानि दानि दानि |

अंतरा

याला यालला, तनन दीम् तननदीम् दीम्,
त तन तन तन तन तन तन तन तन तन तन तन तन तोम्
गंसां सांनि निध धप पग,

गंसां सांनि निध धप पग,

गंसां सांनि निध धप पग,

गसा, गंसां,गसा, गंसां, गसा, गंसां ||

This composition has been contributed by Dr. Vijaya Godbole.

Other Comments: 

This tarana in Raga Kalavati is composed by Pt. Balwant Rai Bhatt. The notation for the same is available in the book Bhavarang Lahari Part 3. 

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