Bandish in Raga Bageshree

1. ये री ये मैं कैसे घर जाऊं, ताल: तीनताल, लय: द्रुत

Yeri ye main kaise ghar jaun, Taal : Teental, Lay : Drut

स्थायी

ये री ये मैं कैसे घर जाऊँ
मितवा तुम्हरे सुगवा
बाट चलत मोहे रोके ठाडो ठडवा |

अंतरा

आस लगी है तुम्हरे मिलन की
बहुत दिनन गये बीत गये जुगवा ||

This composition has been contributed by Madhumita Bhaskar.

Other Comments: 

This is a paramparik, traditional composition in Raga Bageshree. 

2. जा रे बलमा तोसे नही बोलूं, ताल: तीनताल, लय: द्रुत

Ja re Balama, Tose Nahi Bolu, Taal: Teental, Lay: Drut

स्थायी

जा रे बलमा तोसे नही बोलूं
मोरे मनकी न जाने न जाने |

अंतरा

अलस उनींदि राती अखियां
मोसो बनावत कैसी बतियां
मोरे मनकी न जाने न जाने ||

This composition has been contributed by Ravikunj Panchal.

Other Comments: 

This Bandish is composed by Pt. Jasraj. 

3. कौन करत तोरी बिनती पियरवा, ताल: तीनताल, लय: द्रुत

Kaun Karat Tori Binati Piyarwa, Taal: Teental, Lay: Drut

स्थायी

कौन करत तोरी बिनती पियरवा
मानो ना मानो हमरी बात |

अंतरा

अंतरा: जबसे गए मोरी सुधहु न लिनी
काहे सौतन के घर जाए ||

This composition has been contributed by Sanjana Salunkhe.

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